रविवार, 20 अक्टूबर 2013

Sanuk lal YADAV:

॰बसंत का सवाल॰
बसंत आते ही सवाल किया।
एक बार फिर बवाल किया।
कोयल का ये कैसा है हुक?
चकोर का क्या है दुःख ?
रजनी क्योँ नशीली है ?
किरण क्योँ शर्मीली है ?
शबनमी शाम का,
झूके बौर आम का,
कैसा ये हाल किया.....
बसंत आते ही सवाल किया।
एक बार फिर बवाल किया॥
......+......+......+......+......+...
॰सनुक यादव
Sanuk lal YADAV: